वस्त्र वशीकरण क्रिया

किसी स्त्री के अधोवस्त्र या बाए पैर का मोजा  लेकर उसे खरल में कूटें। इस समय मोहिनी मन्त्र का जाप करते रहे।  इसे इतना कूटें कि उसका रेशा – रेशा हो जाये। इसमें अपनी अनामिका का रक्त मिलकर लौंग के पांच फूल मंत्र पढ़ कर डालें।  फिर इसे पुनः कूटें।
इस प्रकार इस वस्त्र के रेशे बनाकर इसकी बत्तियां बनाएं और इन्हे चमेली के तेल में डाल दें।
एक मिटटी का दीपक लेकर भैरवी चक्र बनाएं, फिर उसके बीच में दीपक को रखकर दीपक जलाएं फिर उसकी लौ को देखते हुए मन्त्र जाप करें।  यह जाप प्रतिदिन ११८८ के हिसाब से इक्कीस दिनों तक होना चाहिए।  प्रत्येक दिन बत्ती बदल दें।
इक्कीस दिनों में वह युवती आपके  वश् में हो जाएगी।

एक दूसरा प्रयोग यह है की इन कूटे हुए रेशों को किसी नीम के पेड़ की जड़ में गाड़ दें और प्रत्येक रात काली के ११८८ मंत्र जाप करें।  प्रयेक प्रातः काल जहाँ वे रेशे गाड़े हों, वहां जाकर उसपर अपना पहला मूत्र त्याग करें। ऐसा २१ दिनों तक करें, तो वह युवती इन दिनों में आपके वश में हो जाएगी।

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