ऐसे काम करते हैं टोने – टोटके

एक महिला अपने बालों को संवारती है ! वह टूटे हुए बालों को एकत्र करके एक ओर फेंक देती है ! एक समय वह बड़े – बूढ़ो की नसीहत भूल जाती है कि बालों को कागज या पत्ते में लपेटकर पानी में बहा देना चाहिए या मिट्टी में छुपाकर दबा देना चाहिए ! कारण यह है की वह महिला आधुनिक युग की बुद्धिवादी है और उसे यह सब अंधविश्वास लगता है !

लेकिन वह यह नही जानती की जैसे ही बाल टूट कर शरीर से अलग होता है, उस पर शरीर की उर्जा के ठीक विपरीत उर्जा का उत्पादन होने लगता है ! बाल १०८ दिन तक उर्जा का उत्पादन करता है, जो सूक्ष्म तरंगो के रूप में वातावरण में विकरित होते हैं ! इन तरंगो का नेगेटिव वह शरीर होता है, जहाँ से बाल टूटे हुए हैं ! फल यह होता है की वे सभी तरंगे वह महिला अपने शरीर में ग्रहण करती है !

इसी समय कोई तंत्र-मंत्र करने वाली महिला उसके घर आती है ! वह छुपकर उस बाल को उठा लेती है और घर पर जाकर उस बाल को ज़हरीले पदार्थो में लपेटकर कुछ विशिष्ट मंत्रों से जला देती है और मानसिक शक्ति से उसे उस महिला की छवि पर प्रेषित कर देती है ! उन बालों की तरंगो के साथ मिलकर ज़हरीली तरंगो उस महिला के शरीर में प्रविष्ट हो जाएँगी और प्रभाव डालेंगी ! वह प्रभाव किसी भी तरह का हो सकता है ! रोग, दौरा, हिस्तीरिया, मिर्गी, मानसिक विक्षिप्तता, गर्भपात, बन्ध्यापन आदि !
इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण इलेक्ट्रो होम्योपैथिक है ! इसमें मरीज अमेरिका में है और उसका एक बाल दवा मे डूबा भारत में रखा है और उसकी बीमारी दूर हो जाती है !


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